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Sunday, November 23, 2014

UPSC Combined Defence Services Examination 2015

UPSC Combined Defence Services Examination 2015

शैक्षिक योग्यता


Saturday, November 8, 2014

खांसी और जुकाम का घरेलु उपचार

बच्चे को खांसी का जुकाम हो तो ,

  • तुलसी के पत्तो को पीसकर , उसका रस निकालकर बच्चो को दो-दो बून्द करके तीन बार दे।
  • दो  छोटे चमच नारियल के तेल को गरम करे।  एक बड़ा चम्मच कपूर पीसकर गरम तेल में मिला दे। इस तेल को बोतल में रखकर ढक्कन को अच्छी तरह बंद करे। दिन में दो - तीन बार बच्चे की छाती पर इससे मालिश करे। इससे  छाती की जकड़न में राहत मिलेगी। 

Monday, November 3, 2014

महल और सराय

एक प्रसिद्द  महात्मा /कसी राजा के महल में दाखल हुए। उनके व्यक्तित्व की गरिमा के कारण /कसी भी .द्रारपाल में उनको रोकने का साहस नही  हुआ. और वे सीधे उस स्थान  तक पहुँच गए जहाँ राजा अपने सिंहासन पर बैठा हुआ था।

राजा ने महात्मा को देखकर पूछा - "आप क्या  चाहते हो ?"

"में इस सराय में रात गुजारना चाहता हूँ" - महात्मा ने कहा।

"लेकीन यह कोई सराय नही है, यह मेरा महल है" - राजा ने अचंभे से कहा।

महात्मा ने सवाल किया ,क्या आप मुझे बताएँगे की आप से पहले इस महल का (स्वामी
कौन था?"
 
राजा ने कहा - "मेरे पिता। उनका नीधन हो चुका है।"
"और उन से भी पहले ?" - महात्मा ने पूछा।
"मेरे दादा, वे भी बहुत पहले दिवंगत हो चुके है " - राजा बोला।

महात्मा ने कहा - "तो फिर ऐसे (स्थान को जहाँ लोग कुछ समय रहकर कही और चले जाते है , आप सराय नही  कहोगे तो क्या कहोगे ?"  
महल और सराय

 

कड़ी मेहनत

मार्शल आर्ट का विद्यार्थी अपने गुरु के पास गया। उसने अपने गुरु से विनम्रतापूर्वक पूछा , में आपसे मार्शल आर्ट सिखने आया हु। मुजे इसमें पूरी तरह पारंगत होने में कितना समय लगेगा।

गुरु ने साधारण उत्तर दिया , " १० वर्ष "

विधार्थी ने अधीर होका पूछा ,लेकिन में इससे कम समय में निपुण होना चाहता हु। में प्रतिदिन १० घंटे से भी अधिक मेहनत  करुगा, तो कितना समय लगेगा ?

गुरु ने कुछ समय सोचा फिर उत्तर दिया "२० वर्ष "

Sunday, November 2, 2014

ऊँची सोच ही सफलता की पहली सीडी है

अपने जीवन में हमेशा बड़े विचार को  महत्व देनेवाले  और उसे जीवन में हासिल करनेवाले महान पुरुषो में अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा उदहारण प्रासंगिक है। ऊँची सोच ही इंसान को उम्मीद से दोगुना ज्यादा देने ताकत रखता है।  हम उनकी सोच , मेहनत , लगन तथा जोश और जज्बे को सलाम करते है। 

आज के युवा कई बातो में इतने आधुनिक हो गए है ,लेकिन अब भी अपने भविष्य के बारे में संकुचित रवैया रखते है ? हमारा देश वैज्ञानिक और औधोगिक दिशा में तरक्की कर रहा है।  अगर तरक्की का कोई युग है तो यही है।  अगर आप सचमुच बड़ा सोचते हो  तो आपके सामने बहुत काम प्रतियोगिता है और आपके लिए तरक्की के रस्ते खुले हुए है। 

सफलता के मामले में लोगो उनकी कॉलेज की डिग्री या पारिवारिक पृष्ठभूमि से नहीं मापा जाता है , उन्हें तो सोच के आकर से मापा जाता है।  आप क्या सोचते हो कितना बड़ा सोचते हो , यही आपकी उपलब्ध्यों आकार को तय करता है। 

कभी आपने खुद से पूछकर देखा है , मेरी सबसे बड़ी कमजोरी क्या है ? हमारी सबसे बड़ी कमजोरी यह  है की खुद का काम मूल्याकन करने की होती है। लेकिन ईमानदारी और आत्मविश्वास के साथ मूल्यांकन करे तो आप एक ही निष्कर्ष पर पहुचेगे : आप जितना आप जितना सोचते हो ,आप उससे ज्यादा बड़े है।